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      Difference between Lead and Intro

      by Dr. Arvind Kumar Singh
      4 months ago
      in Media Study Material, Print Media, TV
      0

      Difference between Lead and Intro

      समाचार (News) में “लीड (Lead)” और “इंट्रो (Intro)” में क्या अंतर होता है,

       प्रस्तावना -समाचार लेखन (News Writing) पत्रकारिता की आत्मा है। किसी भी समाचार की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस प्रकार से प्रस्तुत किया गया है। पाठक या श्रोता का ध्यान सबसे पहले समाचार की शुरुआत (Beginning) पर जाता है। यहीं से दो शब्द सबसे महत्वपूर्ण बन जाते हैं — “लीड (Lead)” और “इंट्रो (Intro)”। बहुत-से लोग इन दोनों शब्दों को समान मान लेते हैं, लेकिन वास्तव में इनका अर्थ, उद्देश्य और उपयोग अलग-अलग होता है। समाचार की संरचना (Structure) में ये दोनों अपनी अलग भूमिका निभाते हैं। आइए, इसे विस्तार से समझें।

       1. लीड (Lead) क्या है?

      लीड (Lead) किसी समाचार की मुख्य, सबसे महत्वपूर्ण या सारभूत जानकारी होती है। यह वह हिस्सा है जिसमें समाचार की मुख्य बात, प्रमुख तथ्य या सबसे महत्वपूर्ण तत्व होता है।
      सरल शब्दों में कहें —
      लीड वह भाग है जो पाठक को यह बताता है कि यह समाचार क्यों महत्वपूर्ण है और इसमें सबसे बड़ी बात क्या है।

       उदाहरण:  “प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली में किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की राहत योजना की घोषणा की।”

      यहां यह वाक्य समाचार का लीड है, क्योंकि यह मुख्य तथ्य बताता है —
      “प्रधानमंत्री की घोषणा”, “नई दिल्ली में”, और “10,000 करोड़ की राहत योजना”।

       लीड की विशेषताएं:

      1. सारगर्भित होती है — इसमें पूरे समाचार का सार होता है।
      2. तथ्यपरक होती है — कोई कल्पना या राय नहीं होती।
      3. सबसे महत्वपूर्ण जानकारी देती है — जो खबर का केंद्र बिंदु है।
      4. पाठक को आकर्षित करती है — क्योंकि वही समाचार की “सिरलाइन” होती है।
      5. संक्षिप्त होती है — सामान्यतः एक या दो वाक्य में पूरी बात स्पष्ट कर देती है।

       2. इंट्रो (Intro) क्या है?

      इंट्रो (Intro) लीड के बाद आने वाला प्रारंभिक परिचयात्मक भाग होता है। यह वह पैराग्राफ होता है जिसमें समाचार के मुख्य बिंदु को थोड़ी विस्तार से प्रस्तुत किया जाता है। इंट्रो का काम यह है कि पाठक को धीरे-धीरे समाचार के अंदर ले जाए और उसे संदर्भ (Context) समझाए। सरल शब्दों में — लीड “मुख्य जानकारी” देता है, जबकि इंट्रो “उस जानकारी का पृष्ठभूमि और विस्तार” प्रस्तुत करता है।

       उदाहरण:

      अगर लीड है —

      “प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली में किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की राहत योजना की घोषणा की।”

      तो इंट्रो हो सकता है —

      “यह योजना देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत किसानों के खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की जाएगी।”

      यह इंट्रो लीड में बताई गई जानकारी को आगे विस्तार देता है।

       3. लीड और इंट्रो में मूल अंतर (Main Differences between Lead and Intro)  नीचे दोनों के बीच का अंतर सुसंगठित रूप में प्रस्तुत किया गया है

      क्रमआधार (Basis)लीड (Lead)इंट्रो (Intro)
      1परिभाषासमाचार की सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण जानकारी को प्रस्तुत करने वाला भाग।समाचार के आरंभिक पैराग्राफ के रूप में वह हिस्सा जो लीड को विस्तृत रूप में समझाता है।
      2उद्देश्यखबर का सार और मुख्य बिंदु देना।खबर की पृष्ठभूमि और विस्तार देना।
      3स्थान (Position)शीर्ष पर — समाचार की शुरुआत में।लीड के ठीक बाद आता है।
      4स्वरूप (Form)संक्षिप्त और सटीक वाक्य या वाक्यांश।थोड़ा लंबा पैराग्राफ या 2-3 वाक्य।
      5विषयवस्तु (Content)केवल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (What, Where, When)।बाकी प्रश्नों का उत्तर जैसे — Why, How, To whom।
      6पाठक पर प्रभावतुरंत ध्यान आकर्षित करता है।पाठक को जानकारी का विस्तार देता है और रुचि बनाए रखता है।
      7भाषा शैलीसमाचार शीर्षक जैसी होती है — प्रभावशाली और स्पष्ट।व्याख्यात्मक शैली — पृष्ठभूमि बताने वाली।
      8उदाहरण“लखनऊ में आज 50 करोड़ की लागत से नई मेट्रो लाइन शुरू हुई।”“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्टेशन से मेट्रो सेवा का उद्घाटन किया और कहा कि यह परियोजना शहर के विकास का नया अध्याय होगी।”
      9संबंधइंट्रो की नींव तैयार करता है।लीड को समर्थन और विस्तार देता है।
      10महत्वखबर का सार बताने के कारण सबसे महत्वपूर्ण भाग।खबर को पूर्णता देने के कारण पूरक भाग।

       4. उदाहरण द्वारा स्पष्ट तुलना Difference between Lead and Intro

       उदाहरण 1:

      लीड: “उत्तराखंड में सोमवार को अचानक हुई भारी वर्षा से 10 जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।”

      इंट्रो: “लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई सड़कों पर भूस्खलन होने से यातायात ठप है और राहत दलों को लगातार मोर्चा संभालना पड़ रहा है।”

       स्पष्ट अंतर:
      लीड केवल “मुख्य सूचना” देता है — बारिश और प्रभावित जिलों की संख्या।
      इंट्रो “उस स्थिति का विस्तार” बताता है — प्रभाव, कारण, और प्रशासन की स्थिति।

      उदाहरण 2:

      लीड: “भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पांचवें टेस्ट में आठ विकेट से हराकर श्रृंखला 3-1 से जीत ली।”

      इंट्रो: “भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने शानदार अर्धशतक बनाकर जीत दिलाई। गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।”

      👉 यहां:
      लीड में केवल “मुख्य समाचार” है — भारत की जीत।
      इंट्रो में “विस्तार और कारण” हैं — खिलाड़ियों का प्रदर्शन।

      🔹 5. दोनों की लेखन शैली में अंतर

      बिंदुलीड की शैलीइंट्रो की शैली
      संरचनासामान्यतः एक पंक्ति में समाचार का मुख्य बिंदु।2–3 वाक्यों में जानकारी का विस्तार।
      भाषाछोटी, तीखी, सटीक।सहज, विवरणात्मक और पृष्ठभूमि स्पष्ट करने वाली।
      भावप्रभाव पैदा करने वाला।समझाने वाला।
      उद्देश्यपाठक को आकर्षित करना।पाठक को पूरी जानकारी देना।

      6. पत्रकारिता के दृष्टिकोण से अंतर

      1. समाचार संपादन (Editing) में लीड का चयन सबसे महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है, क्योंकि वही यह तय करता है कि समाचार को प्रमुखता (Priority) मिलेगी या नहीं।
        इंट्रो को संपादक उसकी लंबाई और पठनीयता के आधार पर संशोधित करता है।
      2. रिपोर्टिंग (Reporting) में पत्रकार पहले लीड तय करता है — यानी “खबर की सबसे बड़ी बात क्या है?”
        फिर उसके बाद इंट्रो में बाकी विवरण भरता है।
      3. प्रसारण माध्यम (Broadcast Media) में लीड “हेडलाइन” की तरह होती है जबकि इंट्रो “स्टोरी का ओपनिंग पैरा”।

       7. व्यावहारिक दृष्टिकोण से महत्व Difference between Lead and Intro

      दृष्टिकोणलीड का महत्वइंट्रो का महत्व
      पाठक के लिएतुरंत आकर्षित करता है और बताता है कि खबर पढ़ने योग्य है या नहीं।उसे पूरे प्रसंग में जोड़ता है ताकि वह समाचार को सही संदर्भ में समझ सके।
      रिपोर्टर के लिएखबर का फोकस तय करने में मदद करता है।खबर के प्रवाह और विस्तार को दिशा देता है।
      संपादक के लिएखबर को हेडलाइन देने में सहायक।खबर को संतुलन और पठनीयता देने में सहायक।

       8. सामान्य भ्रम

      कई बार यह कहा जाता है कि “लीड ही इंट्रो है।”
      यह आंशिक रूप से सही है, लेकिन दोनों का कार्यक्षेत्र अलग है।
      हर इंट्रो में लीड तो होता है, पर हर लीड अपने आप में इंट्रो नहीं होती।
      लीड “संकेत” देती है, इंट्रो “व्याख्या” करता है।

      उदाहरण के तौर पर: “दिल्ली में सोमवार को 45 डिग्री तापमान के साथ इस साल की सबसे गर्म दोपहर रही।”

      -यह एक लीड है। अगर इसके बाद लिखा जाए —

      “तेज धूप और लू के कारण लोग घरों में दुबके रहे। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।”

      – तो यह इंट्रो बन गया।

      🔹 9. संक्षेप में मुख्य अंतर (Summary in Short Points)

      1. लीड = समाचार का सारांश
        इंट्रो = समाचार का प्रारंभिक विस्तार
      2. लीड बताता है “क्या हुआ?”
        इंट्रो बताता है “कैसे, क्यों, किसके साथ हुआ?”
      3. लीड = ध्यान आकर्षित करने वाला हेडलाइन-जैसा भाग।
        इंट्रो = संदर्भ और विवरण देने वाला परिचयात्मक भाग।
      4. लीड के बिना खबर की शुरुआत अधूरी है।
        इंट्रो के बिना खबर की गहराई अधूरी है।
      5. लीड “सीधा तथ्य” देता है।
        इंट्रो “कहानी की शुरुआत” करता है।

      🔹 10. निष्कर्ष Difference between Lead and Intro

      पत्रकारिता में लीड और इंट्रो, दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
      लीड वह “चिंगारी” है जो पाठक की रुचि जगाती है,
      जबकि इंट्रो वह “ईंधन” है जो समाचार को अर्थ और गहराई प्रदान करता है।

      एक अच्छा पत्रकार पहले यह तय करता है कि खबर का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (लीड) क्या है,
      फिर यह सोचता है कि उस तथ्य को पाठक के लिए रोचक और संदर्भपूर्ण (इंट्रो) कैसे बनाया जाए।

      अतः कहा जा सकता है कि —

      “लीड समाचार का सिर है,
      और इंट्रो उसका चेहरा।”

      दोनों मिलकर ही समाचार को पूर्ण, पठनीय और प्रभावशाली बनाते हैं।

      “कई पुस्तकों में लीड को समाचार का पहला पैराग्राफ (first paragraph) बताया गया है।”
      लेकिन आइए इसे बहुत स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से समझें 👇

       क्यों कहा जाता है कि “लीड पहला पैराग्राफ होता है”?

      पत्रकारिता की दो अलग-अलग परंपराएँ (Traditions) हैं —

      1. अमेरिकन या वेस्टर्न पत्रकारिता शैली,
      2. भारतीय पत्रकारिता की व्यावहारिक शिक्षण शैली।

      इन दोनों में “लीड” और “इंट्रो” की परिभाषा थोड़ी अलग उपयोग की जाती है।
      यहीं से यह भ्रम पैदा होता है।

       1. पश्चिमी (Western) पत्रकारिता की दृष्टि से

      अंग्रेज़ी पत्रकारिता में “Lead” = “Intro” माना जाता है। क्योंकि वहां समाचार की संरचना कुछ इस प्रकार होती है:

      – Headline (शीर्षक)
      – Lead / Intro Paragraph (पहला पैराग्राफ – मुख्य सूचना)
      – Body (बाकी विवरण)

      इस दृष्टिकोण में —
      “लीड” का अर्थ समाचार का पहला पैराग्राफ होता है,
      जो 5W + 1H (What, Where, When, Who, Why, How) के उत्तर देता है।

       उदाहरण: “Prime Minister Narendra Modi on Monday announced a ₹10,000 crore relief package for farmers in New Delhi.”
      यह पूरा वाक्य ही “Lead Paragraph” कहलाएगा।

      यहाँ लीड और इंट्रो को अलग नहीं माना गया। दोनों एक ही चीज़ हैं — यानी “First paragraph of the news story.”

      🔹 2. भारतीय पत्रकारिता शिक्षा की दृष्टि से

      भारतीय मीडिया शिक्षण में (विशेषकर हिंदी पत्रकारिता में), लीड और इंट्रो को दो स्तरों पर अलग-अलग समझाया जाता है ताकि विद्यार्थी यह समझ सकें कि “मुख्य तथ्य” और “उसका विस्तार” में फर्क क्या है।

      यहाँ:

      • लीड = समाचार का मुख्य बिंदु या सार (core fact)
      • इंट्रो = उस लीड का शुरुआती विस्तृत पैराग्राफ

      इसलिए हिंदी पत्रकारिता में “लीड” को केवल “पहला वाक्य या मुख्य तथ्य” कहा जाता है,
      और “इंट्रो” को “पहला पैराग्राफ या परिचयात्मक अंश”।

       उदाहरण:

      लीड: “लखनऊ में आज तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए।”
      इंट्रो: “रिक्टर पैमाने पर 6.2 तीव्रता वाले इस भूकंप से लोग घरों से बाहर निकल आए। किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।”

      यहाँ “लीड” मुख्य सूचना है,
      और “इंट्रो” वही सूचना का विस्तार — यानी पूरा पहला पैराग्राफ।

      🔹 3. तो असल अंतर कहाँ है?

      दृष्टिकोणलीड का अर्थइंट्रो का अर्थ
      पश्चिमी (English / American)पहला पैराग्राफ ही लीड है — यानी लीड = इंट्रो।इंट्रो को अलग नहीं माना जाता।
      भारतीय (Hindi / Traditional)सबसे महत्वपूर्ण वाक्य या तथ्य (जो खबर का सार बताए)।लीड के आधार पर लिखा गया पहला पैराग्राफ या शुरुआती विवरण।

      इसलिए जब आप किसी किताब या पाठ्यक्रम में पढ़ते हैं —

      “लीड is the first paragraph of the news,”
      तो वह अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता शैली की परिभाषा है। लेकिन जब आप हिंदी पत्रकारिता या व्यवहारिक लेखन में पढ़ते हैं कि — “लीड मुख्य तथ्य बताता है और इंट्रो उसका परिचय देता है,”
      तो यह शैक्षणिक विभाजन (Pedagogical distinction) है, जो सिखाने के उद्देश्य से बनाया गया है।

       4. उदाहरण से स्पष्ट तुलना

      – पश्चिमी परिभाषा के अनुसार:

      “भारत ने आज चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतार दिया, जिससे वह ऐसा करने वाला पहला देश बन गया।”

      – यह पूरा “पहला पैराग्राफ” ही लीड या इंट्रो कहलाएगा। fake news

      📍 भारतीय शिक्षण दृष्टि से:

      लीड (मुख्य तथ्य): “भारत ने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा पर उतारा।”
      इंट्रो (पहला पैराग्राफ): “भारत ने आज चंद्रयान-3 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया। इसरो के वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि से देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई।”

       यहाँ लीड सिर्फ मुख्य तथ्य है, और इंट्रो वही बात विस्तार से बताने वाला पैराग्राफ।

      🔹 5. निष्कर्ष (Conclusion)

      इसलिए, दोनों परिभाषाएँ सही हैं — बस उनका उपयोग और संदर्भ अलग-अलग है।

      निष्कर्ष बिंदुव्याख्या
      जब कोई पुस्तक कहती है “Lead is the first paragraph of the news” —तो वह अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता मानक (International standard) का संदर्भ है।
      -जब कोई शिक्षक कहता है “Lead gives the main point and Intro explains it” —तो वह शैक्षणिक विश्लेषण (Educational distinction) कर रहा है ताकि विद्यार्थी “मुख्य तथ्य” और “प्रस्तुति” के बीच का अंतर समझ सके।

       सरल शब्दों में समझें:

      लीड (Lead) = “क्या हुआ” (मुख्य तथ्य या घटना)
      इंट्रो (Intro) = “क्यों, कैसे, कहाँ, किसके साथ हुआ” (विस्तार वाला पैराग्राफ)

      परंतु कई संदर्भों में पत्रकार सिर्फ पहले पैराग्राफ को ही लीड पैराग्राफ (Lead Para) कह देता है,
      जो व्यवहार में सही है, क्योंकि वही समाचार की शुरुआत है।

      6. याद रखने योग्य सूत्र

      – हर इंट्रो में लीड शामिल होता है।
      -लेकिन हर लीड अपने आप में पूरा इंट्रो नहीं होता।

      इसीलिए यदि कोई पुस्तक कहती है —

      “लीड पहला पैराग्राफ होता है,”
      तो वह व्यापक (generalized) परिभाषा है।
      और यदि कोई कहता है —
      “लीड मुख्य तथ्य है और इंट्रो विस्तार,”
      तो वह शैक्षणिक या विश्लेषणात्मक परिभाषा है।

      दोनों दृष्टिकोण मिलकर पत्रकारिता को पूर्ण बनाते हैं।

      क्या आप चाहेंगे कि मैं अगली बार इसका चार्ट + चित्र सहित विज़ुअल फ़ॉर्म (diagrammatic explanation) भी बना दूँ जिससे “Lead और Intro” का अंतर एक नज़र में समझ आ जाए?

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      Dr. Arvind Kumar Singh

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