
Extreme Long Shot एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट
Extreme Long Shot एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट वह कैमरा शॉट होता है जिसमें दृश्य को बहुत दूर से दिखाया जाता है और पूरा वातावरण फ्रेम में दिखाई देता है। इसमें व्यक्ति या वस्तु बहुत छोटे रूप में नजर आती है और मुख्य ध्यान स्थान, क्षेत्र या परिवेश पर होता है। इस शॉट का उद्देश्य यह बताना होता है कि कहानी किस स्थान या माहौल में घट रही है, न कि पात्र के भावों को दिखाना।
2. एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट की विशेषताएँ Characteristics of Extreme Long Shot
इस शॉट में कैमरा विषय से काफी दूर होता है, जिससे दृश्य का विशाल क्षेत्र दिखाई देता है। इसमें पहाड़, मैदान, सड़क, भीड़ या पूरा भवन जैसे बड़े परिवेश को एक साथ दिखाया जाता है। पात्र केवल एक छोटे से हिस्से के रूप में नजर आते हैं और पूरा फ्रेम वातावरण पर केंद्रित होता है। यह शॉट दृश्य की भव्यता और फैलाव को दर्शाता है।
3. एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट का महत्व Importance of Extreme Long Shot
एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट का महत्व इस बात में है कि यह दर्शक को कहानी की पृष्ठभूमि से परिचित कराता है। यह यह स्पष्ट करता है कि दृश्य किस स्थान पर घट रहा है और पात्र किस प्रकार के वातावरण में हैं। इससे कहानी को समझने का आधार मिलता है और दर्शक को पूरे परिवेश का बोध होता है।
4. एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट का कार्य Function of Extreme Long Shot
इस शॉट का मुख्य कार्य कहानी के लिए स्थान और वातावरण की स्थापना करना होता है। यह दर्शक को दृश्य के संदर्भ में प्रवेश कराता है और आगे आने वाले दृश्यों के लिए मानसिक तैयारी करता है। यह दृश्य में पैमाना, दूरी और परिवेश का अहसास कराता है।
5. एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट का उपयोग Use of Extreme Long Shot
इस शॉट का प्रयोग मुख्य रूप से किसी स्थान का परिचय देने, किसी यात्रा की शुरुआत दिखाने, भीड़ या प्राकृतिक दृश्य दर्शाने तथा दृश्य की भव्यता प्रकट करने के लिए किया जाता है। समाचार, वृत्तचित्र, फिल्मों और धारावाहिकों में किसी नए स्थान को दिखाने के लिए इसका उपयोग सामान्य है।
6. एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट कैसे प्रयोग करें How to Use Extreme Long Shot
इस शॉट को लेते समय कैमरे को विषय से काफी दूर रखा जाता है ताकि पूरा परिवेश फ्रेम में आ सके। यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रकाश और मौसम की स्थिति स्पष्ट हो ताकि पूरा दृश्य साफ दिखाई दे। कैमरे को स्थिर आधार पर रखना आवश्यक होता है ताकि दूर से लिए गए दृश्य में किसी प्रकार का कंपन न आए।
7. एक्सट्रीम लॉन्ग शॉट के नकारात्मक पहलू Negative Aspects of Extreme Long Shot
इस शॉट की सबसे बड़ी सीमा यह है कि इसमें पात्र के चेहरे के भाव या सूक्ष्म क्रियाएँ दिखाई नहीं देतीं। यदि इसे लंबे समय तक दिखाया जाए तो दर्शक कहानी से भावनात्मक रूप से दूर हो सकता है। इसके अलावा गलत प्रकाश या धुंध के कारण दृश्य अस्पष्ट भी हो सकता है, जिससे शॉट का उद्देश्य पूरा नहीं होता। इसलिए इस प्रकार के शॉट का इस्तेमाल बहुत देर तक नहीं करना चाहिए

