
Mechanical Shots in Video production
परिचय (Introduction)
Mechanical Shots in Video production फिल्म और वीडियो निर्माण में कैमरे की गति केवल दृश्य को रिकॉर्ड करने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का एक सशक्त साधन होती है। अलग–अलग कैमरा मूवमेंट और शूटिंग तकनीकें दृश्य में गहराई, ऊर्जा और भावनात्मक प्रभाव जोड़ती हैं।
इस सामग्री और चित्रों में आधुनिक फिल्मांकन में प्रयुक्त प्रमुख यांत्रिक शॉट्स—जैसे ट्राइपॉड, स्लाइडर, हैंडहेल्ड, स्टेडीकैम, गिंबल, क्रेन, जिब, ड्रोन और वायर शॉट—को दिखाया गया है। प्रत्येक तकनीक का अपना उद्देश्य और विशेषता होती है, जो कहानी के भाव, गति और वातावरण को दर्शकों तक प्रभावी रूप से पहुँचाने में सहायक होती है।
1. स्टिक्स / ट्राइपॉड (Sticks / Tripod) – ट्राइपॉड वह उपकरण है जिस पर कैमरा स्थिर रखकर शूट किया जाता है। इसका प्रयोग तब होता है जब दृश्य में कंपन नहीं चाहिए और विषय को स्पष्ट दिखाना हो। इसमें कैमरे को ट्राइपॉड हेड पर कसकर लगाया जाता है और पैरों को समतल जमीन पर फैलाकर संतुलन बनाया जाता है। इससे कैमरा पूरी तरह स्थिर रहता है और पैन या टिल्ट जैसे नियंत्रित मूवमेंट संभव होते हैं।
2. स्लाइडर शॉट (Slider Shot)- स्लाइडर शॉट में कैमरा एक छोटी सी रेल पर दाएँ–बाएँ या आगे–पीछे सरकता है। इसमें कैमरा स्लाइडर प्लेट पर लगाया जाता है और हाथ या मोटर से खिसकाया जाता है। यह शॉट दृश्य में हल्की गति और गहराई जोड़ता है। छोटे स्थानों में सिनेमाई मूवमेंट देने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।
3. हैंडहेल्ड शॉट (Handheld Shot) – हैंडहेल्ड शॉट में कैमरा सीधे हाथ में पकड़कर शूट किया जाता है। इसमें कोई स्टेबल उपकरण नहीं होता, इसलिए हल्का कंपन दिखाई देता है। इसका प्रयोग वास्तविकता, तनाव या डॉक्यूमेंट्री शैली दिखाने के लिए किया जाता है। कैमरा ऑपरेटर अपने शरीर से संतुलन बनाकर फ्रेम को नियंत्रित करता है।

4. स्टेडीकैम शॉट (Steadicam Shot) – स्टेडीकैम एक विशेष हार्नेस और आर्म सिस्टम होता है, जिससे कैमरा ऑपरेटर के शरीर से जुड़ा रहता है। इसमें कैमरा चलते हुए भी स्थिर दिखता है। ऑपरेटर चलकर या सीढ़ियाँ चढ़कर स्मूद मूवमेंट देता है। यह शॉट लंबे, फ्लोइंग दृश्य बनाने में उपयोगी है।
5. गिंबल शॉट (Gimbal Shot)- गिंबल एक मोटराइज्ड स्टेबलाइज़र होता है, जो कैमरे को तीन दिशाओं में संतुलित रखता है। इसमें कैमरा गिंबल माउंट पर लगाया जाता है और मोटर झटकों को संतुलित कर देती है। यह शॉट चलते-फिरते स्मूद फुटेज देने के लिए उपयोग होता है, जैसे व्लॉग या ट्रैकिंग सीन।
6. क्रेन शॉट (Crane Shot) – क्रेन शॉट में कैमरा एक बड़ी क्रेन मशीन पर लगाया जाता है। यह ऊपर–नीचे और आगे–पीछे चलता है। इसमें ऑपरेटर या रिमोट से कैमरा कंट्रोल किया जाता है। इसका प्रयोग बड़े दृश्य, भव्य प्रवेश या ऊँचाई का प्रभाव दिखाने के लिए किया जाता है।

7. जिब शॉट (Jib Shot) – जिब एक छोटी क्रेन जैसी बाँह होती है जिस पर कैमरा लगाया जाता है। इसे मैन्युअल रूप से घुमाकर ऊपर–नीचे और आगे–पीछे मूवमेंट दिया जाता है। यह क्रेन का छोटा रूप है और कम बजट में सिनेमाई ऊँचाई प्रभाव देता है।
8. ड्रोन शॉट (Drone Shot) – ड्रोन शॉट में कैमरा उड़ने वाले ड्रोन पर लगाया जाता है। इसे रिमोट कंट्रोल से ऊपर, नीचे और चारों ओर घुमाया जाता है। इससे हवाई दृश्य मिलते हैं। इसका उपयोग लोकेशन दिखाने, यात्रा दृश्य और भव्य परिदृश्य दिखाने में होता है। Mechanical Shots in Video production
9. वायर शॉट (Wire Shot) – वायर शॉट में कैमरा तार या केबल पर लटकाया जाता है और एक सिरे से दूसरे सिरे तक चलाया जाता है। इसमें मोटर या पुली सिस्टम से गति दी जाती है। यह शॉट स्टेडियम, जंगल या लंबी दूरी के ट्रैकिंग दृश्य दिखाने में प्रयोग होता है।
Mechanical Shots in Video production
Tilt Movement of Camera What is close up shot ?
