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      Home Media Study Material TV

      Characteristics of TV

      by Dr. Arvind Kumar Singh
      3 years ago
      in TV
      0

      Characteristics of TV Medium

      एक दृश्य श्रव्य माध्यम –

      जन माध्यमों में टीवी माध्यम एक बहुत ही अद्भुत माध्यम के रूप में खोज हुई है। इसने संचार प्रक्रिया में बहुत ही आधारभूत ढंग से बदलाव ले आया है। यह एक ऑडियो-विजुअल है लेकिन मुख्य रूप से विजुअल मीडिया के रूप में ही जाना जाता है। इसमें ऑडियो की तुलना में विजुअल बहुत अधिक होता है। एक टीवी के कार्यक्रम हमारे दो इंद्रियों को सीधे एक साथ प्रभावित करता है, इसमें सुनने वाली इंद्रियां एवं देखने वाली इंद्रिय आंख शामिल है। https://mediastudyworld.in/graphics-in-tv-programme/

      यह रेडियो प्रसारण से अधिक प्रभावी है क्योंकि रेडियो एक यूनिसेंस माध्यम है, जो केवल एक इन्द्रिय को प्रभावित करता है। टीवी का प्रभाव अधिक होने की संभावना होती है, क्योंकि आंख कान की तुलना में बहुत अधिक सूचना पाती है। इस माध्यम की विविध प्रकार की विशेषताएं हैं जो कि इसे अन्य माध्यमों से बिल्कुल अलग करती है। यहाॅ पर टीवी माध्यम की महत्वपूर्ण विशेषताओं ऑन की चर्चा की गयी है।

      टीवी माध्यम एक दृश्य एवं श्रव्य माध्यम है। इस कारण से इसकी संचार क्षमता अधिक होती है। यह लोगों पर कहीं अधिक प्रभाव डालने में सक्षम है। प्रिंट माध्यम में लोग सिर्फ देख एवं पढ़ सकते हैं। रेडियो माध्यम पर केवल सुन सकते हैं। किन्तु टीवी माध्यम इन दोनो का मिला जुला रूप है। वहीं इस माध्यम पर किसी दृश्य को बहुत ही प्रभावी एवं भव्य ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

      एक घरेलू माध्यम –

      यह एक घरेलू माध्यम के तौर पर जाना जाता है। इसे हम अपने अधिक करीब पाते है। टीवी पर हम सभी प्रकार के कार्यक्रम घर पर ही देख सकते है। इसमें बाहर थियेटर जाने या टिकट खरीदने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर हम अपने परिवार के साथ घर पर ही आराम से टीवी देख सकते हैं । यह हमारे घरों के भीतर ही मनोरंजन और सूचना प्रदान करता है और हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। यह वास्तव में हमारी दैनिक गतिविधियों को प्रतिरूपित कर सकता है।

      विविध कार्यक्रमों की उपलब्धता-

      टीवी माध्यम पर विविध प्रकार के कार्यक्रम उपलब्ध होते हैं। इन कार्यक्रमों की विविधता भी लगातार बढ़ती ही जा रही है। हर वर्ग एवं समूह के अपने मनपसन्द के कार्यक्रमों को इस पर प्रसारित किये जाते है। पहले एक निष्चित समय पर कार्यक्रम प्रसारित होते थे। अब हर प्रकार के कार्यक्रम किसी न किसी चैनल पर हमेषा आते रहते हैं। लोग टीवी कार्यक्रम के अनुसार अपनी दिनचर्या को भी बनाते हैं। इस माध्यम में लोग स्वयं को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। इस माध्यम पर दर्शकों को बहुत करीब से जुड़े रहने के लिए विविध प्रकार के तौर तरीके अपनाये जाते हैं। इसलिए यह एक अंतरंग माध्यम के तौर पर महसूस होता है।

      तात्कालिक माध्यम

      – टीवी तत्कालिकता का माध्यम है। इसका आश य यही है कि यह किसी भी घटना को तत्काल दिखा सकता है। किसी भी विषय के बारे में टीवी माध्यम पर पर तत्काल की खबर दिखायी जा सकती है। बीते दिन के समाचार टीवी पर पुरानी समाचार के रूप में देखा जाता है। इस माध्यम पर किसी भी घटना की सजीव रिपोटिंग की जाती है। यह तत्काल या वर्तमान में समाचार दिखाता है। इस पर विज्ञापन एवं अन्य कार्यक्रम करोड़ों लोगों तक पहुँच सकते हैं।

      लाइव माध्यम –

      टेलीविजन माध्यम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह विविध प्रकार के क्रिया कलापों को सजीव उसी रूप में दिखाने की क्षमता होती है। इससे खेल से ले करके विविध प्रकार के राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं अन्य प्रकार के आयोजनों को सजीव प्रसारित करना बहुत ही आसान हो गया है। इस प्रकार देष दुनिया के एक कोने पर हो रही घटना को देष के हजारों किमी दूर दूसरे कोने में दिखाया जा सकता है।

      एक जन माध्यम –

      टीवी एक जनमाध्यम है। अपनी विशिष्टता के कारण से यह अधिक से अधिक जनमाध्यम बनता वला गया । वे सभी लोग जो कि प्रिंट माध्यम का उपयोग नही करना चाहते हैं, वे सभी इसका उपयोग बहुत ही आसानी के साथ कर सकते है। इस प्रकार समाज के वे सभी लोग जो कि साक्षर नही है, उनके लिए यह बहुुत ही उपयोगी है। इस प्रकार से इसे वास्तव में एक जनमाध्यम के तौर पर उपयोग किया जा सकता है।


      लिखित सामग्री संभव –

      टेलीविजन पर दृश्य दिखाने के अतिरिक्त इसके स्क्रीन पर बहुत सी जानकारी लिख करके भी प्रस्तुत की जा सकती है। कोई भी व्यक्ति टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली जानकारी तक पहुँच सकता है। यह इसे बड़े दर्शकों तक संदेश प्रसारित करने का एक आदर्श माध्यम बनाता है। यह इस कार्य के लिए एक आदर्श माध्यम है। टेलीविजन माध्यम के कार्यक्रमों को दिखाने और लोगों तक पहुॅचाने की एक बहुत ही व्यापक क्षमता है। इस दृष्टि से यह एक सही मायनों में जनमाध्यम है।

      एक क्षणिक माध्यम –

      इसलिए, टेलीविजन को एक क्षणभंगुर माध्यम के रूप में पहचाना जाता है। इस पर जो कुछ भी दिखाया जाता है, वह तत्काल समाप्त भी होता जाता है। अर्थात वह कुछ समय के लिए होता है। कोई दर्शन जो कुछ देखता है, वह क्षणिक होता है। प्रिंट माध्यम पर पाठक जो कुछ देखता है वह एक लम्बे समय तक बना रहता है। उसकी इव्छानुसार जितना देर चाहे उसे देख सकता है किन्तु पारम्परिक तौर टीवी माध्यम में ऐसा नही है। कोई भी दृष्य चलायमान माध्यम होने के कारण वह आंख के सामने अधिक देर तक नही टिक पाता है।

      महँगा माध्यम –

      एक टेलीविजन केन्द्र को सही प्रकार से संचालित करने के लिए एक बहुत बड़े सिस्टम की आवष्यकता होती है। इसके कार्यक्रम बनाने के लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। हालाँकि, एक टेलीविजन कार्यक्रम को कभी भी आसानी से नहीं बनाया जा सकता है। इसके लिए धन, उपकरण एवं विषेषज्ञता की आवश्यकता होती है। टीवी मीडिया में जटिल प्रौद्योगिकी और संगठन शुरू करने के लिए करोडों रूपयों की आवष्यकता होती है।

      एक ग्लैमरस माध्यम Characteristics of TV –

      टीवी एक ग्लैमर माध्यम कहा जाता है। इस माध्यम पर किसी भी वस्तु, कार्यक्रम, स्थान, व्यक्ति को बहुत ही भव्य तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है। विविध प्रकार के कार्यक्रमों में व्यक्तियों को बहुत ही अनोखे अन्दाज में प्रस्तुत किया जा सकता है। यह किसी भी घटना एवं व्यक्ति को बहुत ही बढ़ा चढ़ा करके प्रस्तुत कर सकता है। इस प्रकार से यह वस्तु व्यक्ति सम्मेलन आदि को बहुत ही ग्लैमरस ढंग से प्रस्तुत कर सकता है। यह सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों ढंग से वह इसी भी वस्तु के विविध कोणों पर विविध गति एवं शाट से प्रस्तुत किया जा सकता है।

      क्लोज-अप माध्यम – Characteristics of TV

      टीवी एक ऐसा माध्यम है जिसे क्लोज-अप माध्यम के रूप में जाना जाता है। इसकी स्क्रीन भी छोटी होती है। इसलिए इस माध्यम पर विस्तृत क्षेत्र में कार्यक्रमों के लांग शाट ही दिखाये जा सकते हैं। इसका परदा जितना बड़ा होता है, उसी स्तर तक विविध दृश्य का क्लोज अप दिखाया जा सकता है। यह बहुत बड़े दृश्य के एक भाग को सही प्रकार से प्रस्तुत कर सकता है। वह उसका बिग क्लोज अप प्रस्तुत करता है। इसलिए दैनिक जीवन के संवाद साक्षात्कार आदि के सन्दर्भ में यह एक उचित माध्यम है। कलात्मक प्रस्तुति के लिए यह एक बहुत ही आदर्श माध्यम है। टीवी माध्यम अपने छोटे परदे की वजह से यह विशाल कार्यक्रमों के लिए एक आदर्श माध्यम नहीं है। उसमें सब कुछ दर्षाने के लिए दृश्यों शाट ले पाना संभव नही है।

      व्यापक पहुंच और विश्वसनीयता -Characteristics of TV

      studio-structure/

      टीवी जनसंचार का प्रभावी माध्यम है। तकनीक के सहारे यह विविध प्रकार के कार्यक्रम को दुनियाॅं के किसी भी कोने में पहुॅचाया जा सकता है। इस माध्यम पर विविध प्रकार के विषयों के बारे में जानकारी दी जाती है। वर्तमान में विविध प्रकार के तकनीक आ गये हैं जो कि इस माध्यम को काफी अधिक अधिक लोकप्रिय बना दिया है। दृष्य दिखाये जाने के कारण इसे एक वियवसनीय माध्यम के तौर पर देखा जाता है।

      एक लोकतांत्रिक माध्यम –

      यह एक लोकतांत्रिक माध्यम है। यह सभी लोगों के लिए उपलब्ध है। इसे कोई भी देख सकता है। इस पर कई कार्यक्रम ऐसे होते है जिसमें कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है। यह विविध प्रकार के कार्यक्रमों को लोगों को उपलब्ध कराता है। जनसंचार का माध्यम है यह सभी लोगों के लिए एक समान रूप से उपलब्ध है और यह समाज की एक बहुत बडी सेवा की कर रहा है । विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप साहित्य और अन्य जगत की बातों को यह सभी लोगों को एक समान रूप से पहुंचाता है । अन्य माध्यमों की तुलना में इस माध्यम में कही गई बातें लोगों कहीं अधिक सहज और सरल तरीके से पहुंचती है । इस पर विभिन्न प्रकार के कला आज के बारे में बहुत ही अच्छी तरीके से दर्शाया जा सकता है ।

          इस प्रकार से अपनी खास विशिष्टता के कारण टीवी ने समाज को एक सूचना समाज में बदल दिया है। मनुष्य के मानसिक क्षितिज का विस्तार किया है। इस पर विविध प्रकार की जानकारी मिलती है। इसमें ज्ञान को मानवीय बनाने की क्षमता है। Characteristics of TV 

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      Dr. Arvind Kumar Singh

      Dr. Arvind Kumar Singh

      Media Specialist and Writer , UGC NET and JRF, SRF Fellow, Ph.D. in Mass Communication and Journalism subject (Area -Development communication) from BHU in 1997. Experience of Teaching in Various Universities and other academic Institutions including BHU as UGC JRF and SRF fellow, Lucknow university as guest faculty and Allahabad university as visiting fellow. Members of various Media professional organizations. Participation in various national and international Seminar and Conferences. Written several books on electronic and digital media

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