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      Home Media Study Material Communication

      Smell and communication

      by Dr. Arvind Kumar Singh
      4 years ago
      in Communication, Human Communication
      0

      Smell and Communication . Smell is a way of communication.

      Smell and communication

      Smell is a way of communication. It gives many useful information .The article discusses various aspect of smell communication.

      गंध संचार Smell communication


      1- अपने सामान्य जीवन में सूचनाओं का आदान-प्रदान और विभिन्न प्रकार की घटनाओं की अनुभूति हम अपनी विभिन्न इंद्रियों के माध्यम से ही करते हैं। इसमें आंख और कान की भूमिका सबसे अधिक होती है । ( What is touch communication क्या होता है स्पर्श संचार)

      इन्हीं का हम सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं। किंतु हमारे तीन अन्य इंद्रियों की अनुभूतियां भी हमें विभिन्न प्रकार के सूचनाओं की जानकारी देती हैं । कुछ संदर्भों में तो सूचनाएं सिर्फ इन्हीं के द्वारा ही दी जा सकती हैं । इसमें गंध और नाक के माध्यम से विभिन्न प्रकार की वस्तुओं एवं घटनाओं के बारे में जो सूचना हमें मिलती है, वह अन्य तरीके से नही मिल सकती है।
      2-गंध संचार का साधन और एक तरीका है। इसकी एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि यह सर्वत्र किया जा सकता है । यह सभी प्रकार की संस्कृति,भाषा बोल के स्तर पर होने वाले बाधा से परे हो करके अपने संदेश को एक ही रूप में संप्रेषित करते हैं। यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य और आत्म जागरूकता का एक बहुत ही महत्वपूर्ण एक पहलू है । इसके बारे में जानने समझने एवं विचार करने की आवश्यकता है।

      Other words for smell
      3- गंध के संदर्भ में अन्य कई और शब्दों का भी इस्तेमाल किया जाता है । वह सभी शब्द काफी हद तक इसी भाव को व्यक्त करते हैं। अंग्रेजी भाषा में तो ऐसे शब्दों में एक लंबी सूची है। विषय, संदर्भ एवं परिवेश आदि को ध्यान में रखकर के अलग-अलग प्रकार के शब्दों की रचना की गई है । वे उन्ही संदर्भ में इस्तेमाल किए जाते हैं । उनसे वही एक खास प्रकार का अर्थ निकलता है ?

      Smell as a nonverbal communication
      4- गंध संचार या स्मेल कम्युनिकेशन को हम एक नॉनवर्बल संचार के रूप में देखते हैं। हम यह कह सकते हैं कि इसमें बगैर किसी प्रकार के बातचीत किए संदेश का संप्रेषण होता है। सच तो यह है कि इसमें शरीर के अन्य भागो से किसी प्रकार का कोई नानवर्बल या अमौखिक ढंग से अभिव्यक्ति भी नहीं की जाती है, जिसे कि देखने की आवश्यकता हो। किंतु इसका उपयोग सभी संदेशों के लिए किया जाता है। वर्तमान में भिन्न भिन्न प्रकार के गंध भिन्न भिन्न ढंग से इस्तेमाल किये जा रहे हैं।

      हमारा शरीर अलग – अलग प्रकार के गंध के प्रति अलग अलग तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। कुछ प्रतिक्रिया तो व्यक्ति की अपनी चेतन अवस्था में होती है । किंतु कुछ प्रतिक्रिया अवचेतन तरीके से भी शरीर द्वारा होती है। हर एक व्यक्ति भिन्न भिन्न गंध के प्रति अपनी अलग प्रकार की प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। इसी प्रकार से हर व्यक्ति की अपन अपने ढंग से गंध का चुनाव करते हैं । वह सभी उसके प्रति वे सहज या असहज भाव महसूस करते हैं।

      5- गंध के संदर्भ में बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जब यह सुगंध के रूप में होता है तो यहएक सकारात्मक भाव हमारे मन में उत्पन्न करता है । हम उसकी तरफ आकृष्ट भी होते हैं। हमें अच्छा महसूस होता है। इसलिए लोग अपने शरीर में सुगंध का इस्तेमाल करते हैं तो वह तो अच्छा महसूस करते ही हैं । उनके पास बैठे व्यक्ति भी अच्छा महसूस करता है । इसलिए अच्छे सुगंध के प्रति हम खुद आकृष्ट होते हैं।

      Smell communication and taste

      6 हम देखते हैं कि किस प्रकार से सुगंध हमको विभिन्न प्रकार के टेस्ट के संदर्भ में सूचनाएं देता है। इसमें सबसे पहले टेस्ट या स्वाद के संदर्भ में बाते करते हैं। यह हमें हमारी भूख को जागृत करता है। विभिन्न प्रकार के भोजन के स्वाद के बारे में एक एहसास कराता है। यदि इस प्रकार से हमें हमारे भीतर सूॅघने की क्षमता नहीं रहती तो शायद हम भोजन का वह आनंद नहीं ले पाते। सामान्यतौर पर हम पाते हैं की वह हमें जो अनुभूति कराता है जो कि अन्य किसी भी प्रकार के संचार के द्वारा नहीं किया जा सकता है।

      Smell associated with memory
      7 गंध का एक बहुत ही महत्वपूर्ण जुड़ाव हमारी याद से भी है। विभिन्न प्रकार के स्थितियों में रहते हुए हम उस दौरान विविध प्रकार के गंध महसूस किए रहते हैं । यदि हम बाद में भी उस गंध को महसूस करते हैं तो हमें उससे जुड़ करके वे घटनाएं याद आ जाती हैं जो कि अतीत में हुई रहती हैं। खास प्रकार के स्थितियों से गुजरने के दौरान महसूस की गयी गंध बाद में उस घटना की याद दिलाती है। इसी प्रकार से यदि कोई व्यक्ति किसी खास प्रकार के गंध को आंख मूंद करके महसूस करता है तो फिर वह अपने चारों तरफ सेउस प्राकृतिक या कृत्रिम परिवेश का अनुमान लगा सकता है ।

      Smell communication associated with environment
      इसी तरह, गंध हमें घटना एवं परिवेश के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण सूचना देते है। जब हम कही पर रहते हैं और किसी प्रकार की सुगन्ध या दुर्गन्ध आ रही होती है तो फिर उसके अनुसार हम परिवेश एवं घटना के बारे में अनुमान लगा लेते है। भिन्न भिन्न पदार्थो के सड़ने एवं जलने पर हमें उसके बारे में जानकारी मिलती है। इसी प्रकार से प्रकृति के विभिन्न स्वरूप के बारे में भी हमें जानकारी मिलती है।

      Smell communication of products
      8 बहुत बड़ी संख्या में ऐसे उत्पाद हैं जो कि कुछ खास प्रकार के गंध देते हैं । दैनिक जीवन में कुछ प्रकार के वस्तुओं के अपने स्वाभाविक प्राकृतिक गुण होते हैं। विविध प्रकार के खाद्य पदार्थों, फलों आदि के संदर्भ में यह बात विशेष रुप से लागू होती है। इसलिए जब कभी भी ऐसी गंध आती है तो फिर उससे संबंधित जो उत्पाद या फल या अन्य प्रकार के कोई पदार्थ होते हैं, हम उसकी कल्पना करने से ले करके पहचानने का कार्य कर लेते हैं। इस प्रकार हम उसको देखे बगैर पहचान लेते हैं। इसी तरीके से कुछ खास प्रकार के प्राणी, समुदाय एवं जगह फैक्ट्री की भी अपनी खास प्रकार की गंध होती है ।जब कभी भी वह उनके नाक से होकर हमारे शरीर में प्रवेश करती है तो लोग उस खास तरह के जगहों की याद कर लेते हैं।


      9 गंध का एक बहुत बड़ा जुड़ाव हमारे क्रियाशीलता से भी है। कुछ खास प्रकार के जो गंध होते हैं, वे हमें सक्रिय करते हैं। अध्ययन में यह पाया गया हैं कि कुछ ऐसे गंध होते हैं जिससे कि हम एक आकर्षित हो करके अपने काम को करने में सफल होते हैं। अध्ययन में यह साबित हो चुका है कि कुछ गंध हमारे मानसिक तौर पर सतर्क बनाते हैं । व्यक्ति कहीं अधिक सक्रिय होकर के अपने कार्यों को करता है। गंध मानसिक एवं शारीरिक तौर पर लाभदायक होने के साथ साथ नुकसान दायक भी हो सकती है।

      Smell communication and health
      10 यही नहीं गंध से हमें जो संदेश प्राप्त होता है या हम जो अनुभूति पाते हैं, वह हमारे स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है । कुछ खास प्रकार के गंध ऐसे होते हैं जो हमें आरामदायक स्थिति में महसूस कर आते हैं । हॉस्पिटल आदि जगहों पर कुछ इस प्रकार के गंध का इस्तेमाल किया जाता है जो कि लोगों को आरामदायक स्थिति में महसूस कराता है।

      Smell communication and feelings
      11 हमारे जीवन में गंध का संचार के रूप में इस्तेमाल बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। यह हमारे भावनाओं और व्यवहार पर बहुत जबरदस्त प्रभाव डालता है। हम अपने दैनिक जीवन में जो कुछ भी भावनात्मक अनुभूति करते हैं । उसमें गंध की अपने स्तर से एक अलग भूमिका होती है। हम जो भी अनुभूति करते हैं उसी के अनुसार संबंधित उत्पाद जगह व्यक्ति स्थान को जोड़ते हैं


      12 यदि हम अच्छे प्रकार के गंध का उपयोग करते हैं तो हमें एक तरफ से मानसिक शांति प्रदान करता है । यह हमारे मनःस्थिति व्यवहार को सहज बनाता है। कई बार वह हमें किसी खास प्रकार की घटना से भी जोड़ता है। यदि हम किसी खराब घटना के साथ कोई अच्छे गंध भी जुड़ा हुआ है तो भी उस अच्छे गंध को बाद में महसूस करने पर, वही भाव उत्पन्न होता है। इसी तरह से एक ही गंध अलग अलग समाज में भी अलग अलग तरीके से लिया जाता है । उसके प्रति उनके अलग तरीके के मनोभाव संदेश होते हैं । विभिन्न व्यक्तियों के शरीर एवं द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र से भी गंध निकलती है । ऐसे व्यक्तियों से जुड़े दूसरे व्यक्ति उसके प्रति अलग-अलग ढंग से भाव महसूस करते हैं

      13जानवरों के जीवन चक्र में गंध संचार का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है । विभिन्न प्रकार के प्राणी भी गंध के प्रति बहुत ही सक्रिय प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। सहवास के कार्य में गंध का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसके माध्यम से एक दूसरे को संदेश दिया जाता है । इसके लिए आमंत्रण या तैयार रहने के लिए संदेश संप्रेषित किया जाता है। गंध का उपयोग जानवर अपने क्षेत्र की सीमा का निर्धारण करने , दूसरे को चेतावनी देने लिए भी करते हैं। इस संदर्भ में कुछ जानवर तो अपने पेशाब का उपयोग करते हैं। इसके माध्यम से अपने सीमा रेखा और दूसरे को संदेश पहुंचाते हैं। बहुत जानवरों के शरीर से कुछ खास प्रकार के जो गंध निकलते हैं। वह खुद उनके लिए ही बहुत ही हानिकारक होते हैं। उदाहरण के हिरन के एक खास प्रजाति में पाए जाने वाला गंध के कारण ही उसका शिकार किया जाता है।


      14 कुछ ऐसे जानवर है जिसमें कि गंध संचार के माध्यम से ही उनके संपूर्ण जीवन प्रक्रिया संचालित होती है । चींटी आदि इस पर भी काफी हद तक निर्भर करते हैं। उनके शरीर से एक ऐसा रासायनिक पदार्थ है स्रवित होता है। वे अपने पेषाब,गोबर के माध्यम से या अपने शरीर स्थित विशेष ग्रंथि के माध्यम से गंध को भेजते है। कुछ जानवर तो ऐसे होते हैं कि जो कि मीलों दूर से गंध को पकड़ लेते हैं । इसके लिए उनके पास विशेष प्रकार की क्षमता होती है। इससे वे विविध प्रकार के संचार कर सकते हैं।


      15 – यदि किसी कारणवश हम अपने शरीर में गन्ध महसूस करने की क्षमता को खो देते हैं तो फिर इस प्रकृति एवं अपने परिवेशसे मिलने वाले विविध प्रकार के संदेशसे वंचित हो जाते है । विविध प्रकार स्वयं कई प्रकार के खतरों में भी पड़ सकते हैं। अतः प्राकृतिक तौर पर मिले इस क्षमता को सही रूप में बनाये रखने और इसका सही उपयोग करने की एक सहज क्षमता बनाये रखने के लिए प्रयास होना चाहिए।


      15 तो इस प्रकार से देखते हैं कि गंध हमारे व्यावहारिक जीवन के विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों को एक सही प्रकार से चलाने के लिए गंध अपने से अलग भूमिका निभाता है। यह विभिन्न परिस्थितियों के संदर्भ में संदेश जो देता है, वह अलग अलग तरीके के भाव की अनुभूति कराता है। जिन बातों को हम दिखा करके अथवा पता करके पड़ा करके नहीं एहसास करा सकते हैं, उन्हें इस गंध के माध्यम से एहसास कराया जा सकता है। इसलिए गंध संचार के बारे में हमें एक अच्छी समझ होनी चाहिए।

      Tags: smellsmell communication
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      Dr. Arvind Kumar Singh

      Dr. Arvind Kumar Singh

      Media Specialist and Writer , UGC NET and JRF, SRF Fellow, Ph.D. in Mass Communication and Journalism subject (Area -Development communication) from BHU in 1997. Experience of Teaching in Various Universities and other academic Institutions including BHU as UGC JRF and SRF fellow, Lucknow university as guest faculty and Allahabad university as visiting fellow. Members of various Media professional organizations. Participation in various national and international Seminar and Conferences. Written several books on electronic and digital media

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